मुझ में हर रंग अब तुम्हारा है – Mujh Mein Har Rang Ab Tumhara Hai

मंजिल मिली, मुराद मिली, मुदा मिला,
सब कुछ मुझे मिला, जो तेरा नक्श-ऐ-पा मिला |

जब दूर तक ना कोई, फकीर आशना मिला,
तेरा नियाज़-मंद, तेरे दर से जा मिला |

मुझ में हर रंग अब तुम्हारा है,
अब तो कह दो, के तू हमारा है |

आलम-ऐ-शोक में, ना जाने क्यों,
मेने हर दम, तुम्हें पुकारा है |

तू तो सब ही के पास है मोजूद,
कोन कहता है, तू हमारा है |

तेरे सदके में ये तमाम जहान,
अपनी ठोकर पे मेने मारा है |

राज़ को राज़ क्यों समझते हो,
राज़ दुनिया पे आशिकारा है |

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1 COMMENT

  1. pls upload mujhme har rang ab tumhara he verry sweet verson from mehfil…not frm dayra ….pls upload it….

    mayank bhai….

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